ये यादें ना जाने कब आती हैं ,क्यूँ आती हैं,
ना भूले हैं हम उन्हें ना भूल पायेंगे ,
की वो सूरत उनकी हमारे जहें से कभी निकल नहीं पाती है,
भूलें उसे जो ना बसा हो दिल में मेरे ,याद करें उसे जो हट गया हो जहेन से मेरे ,
के वो अब नहीं है साथ पर उनकी परछाई आज भी हमें छूकर चली जाती है !
अमितोम
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