Maut
मौत
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
यह साँसे झुंटी हैं ,वहम हैं सबके लिए ,
बिना रुके धड़कन ,कई बार जिंदगी से लड़ चूका हूँ मैं ,
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
कभी मारा इश्क ने ,तोह कभी किस्मत ने मारा मुझे ,
बिना किसी दुश्मनी के ,जिंदगी से लड़ चूका हूँ मैं ,
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
सवालों से लड़ता हूँ खुद के,जवाबों में उलझा रहता हूँ,
कमबख्त दिल ने मारा मुझे ,जिंदगी के कई पन्ने पढ़ चूका हूँ मैं ,
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
दोस्त बनाता हूँ सबको धोखा खाने के लिए ,
घिरा रहता हूँ दोस्त,दुश्मनों से ,कई पायदान धोखे के चढ़ चूका हूँ मैं,
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
अमितोम ना खुदी को रोया हैं ,ना खुदा पे,मानता है ,
जो होता है अच्छे के लिए होता है ,क्यूँ करे बहस या तवज्जो किसी से,
बस एक जिंदगी में ,हवा सा बह चूका हूं मैं ,
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
क्यूँ किसी को गलत कहें ,क्यूँ करें बदसलूकी किसी से ,
क्या दोस्तों से दोस्ती,दुश्मनों से नफरत ,क्यूँ कोसुं इश्क को ,
खता थी अमितोम की,
एक जख्म को कुरेदा है इतना ,की नासूर से पट चूका हूँ मैं,
हजारों दफा मर चूका हूँ मैं ,
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